
बॉलीवुड के चमकते सितारों में ऋतिक रोशन का नाम एक मिसाल है। कभी दो शब्द बोलने में हिचकने वाले इस शर्मीले लड़के ने आज उद्योग के ‘ग्रीक गॉड’ का तमगा हासिल कर लिया है। यह परिवर्तन लाखों प्रशंसकों को प्रेरित करता है।
मुंबई के फिल्मी माहौल में पले-बढ़े ऋतिक, राकेश रोशन के बेटे थे, लेकिन केंद्रीय ध्यान से दूर रहते। बचपन में बातचीत से बचना उनकी आदत थी। परिवारजन बताते हैं कि स्टेज पर खड़े होते ही चेहरा लाल हो जाता और आवाज रुक जाती।
साल 2000 में ‘कहो ना प्यार है’ ने सब बदल दिया। अमीषा पटेल के साथ डेब्यू ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। गाने ‘इधर चला मैं उदर चला’, नृत्य कौशल और आकर्षक व्यक्तित्व ने दर्शकों को दीवाना बना दिया। फिल्म ने 80 करोड़ से अधिक कमाई की।
चोटें और निजी परेशानियां आईं। ‘काइट्स’ के दौरान गंभीर चोट लगी, सर्जरी हुई। सुशांत खान से तलाक ने सुर्खियां बटोरीं। फिर भी, ऋतिक ने हार नहीं मानी। ‘कृष’, ‘वॉर’ जैसी फिल्मों में एक्शन और ड्रामा का तड़का लगाया।
उनकी फिटनेस यात्रा प्रेरणा स्रोत है। सख्त डाइट, जिम और योग से ग्रीक मूर्ति जैसा बदन तैयार किया। ‘फाइटर’ और आगामी प्रोजेक्ट्स में वे छाए हुए हैं।
ऋतिक साबित करते हैं कि मेहनत से कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है। शर्मीले लड़के से ग्लोबल आइकन बनने की यह कहानी अमर है।