
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हाई ब्लड प्रेशर अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रही। 20 से 30 साल के युवा भी इस साइलेंट किलर से जूझ रहे हैं। यह बीमारी चुपचाप दिल, दिमाग और किडनी को नुकसान पहुंचाती है, बिना किसी चेतावनी के।
इसके पीछे मुख्य वजह है बदलती जीवनशैली। घंटों डेस्क पर बैठे रहना, रात भर जागना और सुबह जल्दी काम पर लग जाना, नींद की कमी से शरीर का बैलेंस बिगड़ जाता है। जंक फूड और ज्यादा नमक वाला खाना नसों पर बोझ बढ़ाता है।
तनाव भी बड़ा कारक है। पढ़ाई, नौकरी की चिंता से हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जो रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देते हैं। मोटापा, धूम्रपान, शराब और पारिवारिक इतिहास जोखिम को और बढ़ाते हैं।
लक्षण कम ही नजर आते हैं, लेकिन सुबह सिरदर्द, थकान, धुंधला दिखना या नाक से खून आना संकेत हैं। अनदेखी करने पर हार्ट अटैक, स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
रोकथाम आसान है। ताजे फल-सब्जियां खाएं, नमक कम करें, रोज व्यायाम करें, अच्छी नींद लें और बुरी आदतों से दूर रहें। ये छोटे बदलाव जीवन बचा सकते हैं।