
मुंबई। अभिनेता गजराज राव ने सोशल मीडिया पर देश की सांस्कृतिक धरोहर को लेकर गहरी चिंता जताई है। उनकी नवीनतम पोस्ट में सदियों पुरानी हवेलियां, महल, मंदिर और मस्जिदें आधुनिक निर्माण के कारण गायब होती दिखाई दे रही हैं। ये इमारतें केवल पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि हमारी पहचान और इतिहास का अभिन्न अंग हैं। तत्काल देखभाल से इन्हें बचाया जा सकता है, वरना आने वाली पीढ़ियां वंचित रह जाएंगी।
राव ने लंदन से तुलना कर भारत की स्थिति पर दुख प्रकट किया। वहां सख्त कानून, सरकारी सहायता और जन जागरूकता से पुरानी इमारतें सुरक्षित हैं। लेकिन दिल्ली जैसे शहरों में ये तेजी से कंक्रीट के साये में खो रही हैं। ग्वालियर में कई ऐसी संरचनाएं हैं, जिन्हें मामूली मरम्मत से नई जिंदगी मिल सकती है।
अभिनेता का यह संदेश शहरीकरण के दौर में प्रासंगिक है। नीति निर्माताओं और नागरिकों को जागना होगा। धरोहर संरक्षण से ही हम अपना गौरवपूर्ण अतीत जीवंत रख सकेंगे। गजराज राव की आवाज बहस को नई दिशा दे रही है।