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कुंदन लाल साहगल का जीवन संघर्ष और सफलता की एक अद्भुत कहानी है। फिल्मों में आने से पहले वे टाइपराइटर बेचने का काम करते थे। उनकी सुरीली आवाज ने उन्हें जल्द ही भारतीय सिनेमा का पहला सुपरस्टार बना दिया। लता मंगेशकर और किशोर कुमार जैसे दिग्गजों ने उन्हें अपना गुरु माना। ‘बाबुल मोरा’ जैसे उनके गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। उन्होंने शास्त्रीय संगीत और सुगम संगीत के बीच की दूरी को मिटा दिया।
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