
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान रक्षा, तकनीक और नवाचार में ऐतिहासिक समझौतों के बीच भारत-फ्रांस संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला है। लेकिन इस मजबूत रिश्ते का एक रंगीन पहलू बॉलीवुड सिनेमा में कई दशकों से चमक रहा है। फ्रांस के मनमोहक नजारे भारतीय फिल्मकारों के चहेते बने हुए हैं।
1960 के दशक में राज कपूर की अमर कृति ‘संगम’ ने पेरिस, लंदन और स्विट्जरलैंड में शूटिंग कर इतिहास रचा। 1964 में रिलीज हुई यह फिल्म उस दौर की सबसे महंगी और लंबे समय तक चलने वाली हिट थी। तब से पेरिस बॉलीवुड का प्रेम स्थल बन गया।
एफिल टावर, ट्रोकाडेरो, आर्क डे ट्रायम्फ और पैलेस गैलियरा जैसे प्रतीक रोमांटिक गानों और दृश्यों से सजे हैं। करण जौहर की ‘ऐ दिल है मुश्किल’ में रणबीर-अनुष्का ने पेरिस की फिसलन भरी सर्दियों में ठुमके लगाए। कंगना की ‘क्वीन’ में पेरिस की सैर ने दर्शकों का दिल जीत लिया और राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया।
रणवीर सिंह-वाणी कपूर की ‘बेफिक्रे’ लगभग पूरी तरह पेरिस में बनी, पोंट डेस आर्ट्स और मोंटमार्ट्रे को हाइलाइट किया। ‘ये जवानी है दीवानी’ का ‘इलाही’ एफिल टावर के नीचे चमका, तो ‘डॉन’ के एक्शन सीन ने सांसें रोक दीं। साउथ की ‘मनमधन अंबु’, ‘असल’ जैसी फिल्में भी फ्रांस की दीवानगी में शरीक हैं।
फ्रांस की फिल्मी सुविधाएं कमाल की हैं—कोई सेंसरशिप नहीं, सार्वजनिक जगहों पर मुफ्त परमिट, 40 क्षेत्रीय आयोगों का नेटवर्क। मैक्रों के सिनेमा हस्तियों से मिलन से सहयोग बढ़ेगा, जो सांस्कृतिक पुल को और मजबूत करेगा।