
बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में कई सितारे संघर्ष की मिसाल हैं, लेकिन फातिमा सना शेख की दास्तान सबसे प्रेरणादायक है। मात्र चार साल की उम्र में फिल्म सेट पर जोरदार डांट खाने के बाद उन्होंने ऐसा सफर तय किया जो लाखों को प्रेरित करता है।
उस दिन का वाकया आज भी यादगार है। बच्ची कलाकार के रूप में सेट पर उत्साहित फातिमा ने गलती कर दी। डायरेक्टर का गुस्सा फूट पड़ा, उनकी डांट की गूंज सेट पर छा गई। छोटी बच्ची स्तब्ध रह गई, आंसू छलक पड़े लेकिन हिम्मत नहीं हारी।
इस घटना ने उन्हें मजबूत बना दिया। छोटे-मोटे रोल, विज्ञापनों और असंख्य ऑडिशन के बीच उन्होंने अपना रास्ता बनाया। रिजेक्शन के पहाड़ तोड़े, मुंबई की भागदौड़ में टिकी रहीं।
फिर आया ‘दंगल’ का सुनहरा मौका। आमिर खान के साथ गीता फोगाट का किरदार निभाकर वे रातोंरात स्टार बन गईं। इसके बाद ‘लूडो’, ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ और ‘सम बहादुर’ जैसी फिल्मों ने उनकी प्रतिभा को प्रमाणित किया।
आज फातिमा नई फिल्मों और प्रोडक्शन के साथ आगे बढ़ रही हैं। उनकी कहानी साबित करती है कि शुरुआती झटके ही बड़ी सफलता की नींव रखते हैं। संघर्ष करने वालों के लिए यह एक मिसाल है।