
बॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे कई सितारों की जिंदगियां प्रेरणा की मिसाल हैं। डिंपल कपाड़िया ऐसी ही एक अभिनेत्री हैं, जिन्होंने महज 12 साल की उम्र में कुष्ठ रोग नामक बीमारी से डटकर मुकाबला किया। समाज के तानों और अलगाव के बावजूद उन्होंने इलाज कराया, पूरी तरह स्वस्थ हुईं और राज कपूर की ‘बॉबी’ से रातोंरात स्टार बन गईं।
कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्री बैक्टीरिया से होने वाली पुरानी बीमारी है, जो त्वचा, नसों और अंगों को प्रभावित करती है। 1873 में गेरहार्ड हैंसेन ने इसकी खोज की, इसलिए इसे हैंसेन रोग भी कहा जाता है। शुरुआती चिह्नों में धब्बे, सुन्नता और घाव होते हैं, लेकिन समय पर मल्टी-ड्रग थेरेपी से यह पूरी तरह ठीक हो जाता है।
हर साल 23 जनवरी को विश्व कुष्ठ दिवस मनाया जाता है, जब जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। डिंपल अपनी कहानी खुलकर साझा करती हैं ताकि लोग जानें कि यह कोई कलंक नहीं, बल्कि इलाज योग्य रोग है। उन्होंने बताया कि कोहनी पर दाग देखकर किसी ने कहा था कि स्कूल से निकाल दिया जाएगा, लेकिन उसी दौर में ‘बॉबी’ मिल गई।
अमिताभ बच्चन 2018 से वैश्विक अभियानों में सक्रिय हैं, जो भेदभाव के खिलाफ हैं। आर माधवन लेपरा इंडिया के सद्भावना दूत हैं और समय पर जांच की वकालत करते हैं। ये सितारे कहते हैं कि सबसे बड़ा दुश्मन बीमारी नहीं, बल्कि समाज का रवैया है। प्रेम और सम्मान से ही असली इलाज संभव है। डिंपल की कहानी हिम्मत सिखाती है—कुष्ठ रोग को जड़ से मिटाया जा सकता है।