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बॉर्डर-2 में सूबेदार संतराम बने वंश भारद्वाज की मानसिक चुनौतियां

बॉक्स ऑफिस पर 'बॉर्डर-2' का जलवा जारी है, जो 250 करोड़ की कमाई पार कर चुकी है। फिल्म की सफलता में लीड किरदारों के साथ-साथ सहायक कलाकारों का भी अहम योगदान है। सूबेदार संतराम का किरदार निभाने वाले वंश...

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Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|मनोरंजन|
February 5, 2026
बॉर्डर-2 में सूबेदार संतराम बने वंश भारद्वाज की मानसिक चुनौतियां
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बॉक्स ऑफिस पर 'बॉर्डर-2' का जलवा जारी है, जो 250 करोड़ की कमाई पार कर चुकी है। फिल्म की सफलता में लीड किरदारों के साथ-साथ सहायक कलाकारों का भी अहम योगदान है। सूबेदार संतराम का किरदार निभाने वाले वंश भारद्वाज ने छोटे रोल में भी दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ी है।

अभिनेता ने बताया कि ऑफर मिलने पर पहली प्रतिक्रिया अविश्वास वाली थी। 'बॉर्डर का हिस्सा बनना अवास्तविक लग रहा था, लेकिन छोटे शेड्यूल ने उत्साह दोगुना कर दिया।' किरदार को लेकर उन्होंने कहा कि मूल फिल्म की विरासत भारी है, जो युवाओं को सेना में प्रेरित करती थी। 'यह फिल्म उस जिम्मेदारी को निभाती है, जो राष्ट्ररक्षकों का प्रतिनिधित्व करती है।'

संतराम शांत और चिंतनशील है, जो मां से मिली गीता से प्रेरित होता है। 'यह जीवन की गहराई समझाता है, संयम सिखाता है। मेरा स्वभाव भी ऐसा ही है।' शारीरिक तैयारी आसान थी, लेकिन सैनिक की मानसिकता उतारना कठिन। 'देश के लिए सब कुछ त्यागने को तैयार रहना, फिर भी गर्व से मैदान में उतरना—यही चुनौती थी।'

थिएटर से फिल्मों तक का सफर सहज है। 'माध्यम अलग, लेकिन अभिनय का मूल एक।' 'बॉर्डर-2' सैनिकों को सलाम करती फिल्म है, जो दर्शकों को प्रेरित कर रही है।

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