
सिनेमा का जादू तब चरम पर होता है जब यह राष्ट्रप्रेम की भावना को जगाता है। बॉलीवुड के अभिनेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक युद्धों तक की कहानियों को पर्दे पर उतारकर दर्शकों के दिलों में देशभक्ति का अलाव जला दिया। मनोज कुमार, सनी देओल, अक्षय कुमार, अजय देवगन, आमिर खान, शाहरुख खान, सिद्धार्थ मल्होत्रा और विक्की कौशल जैसे सितारों के किरदार आज भी प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।
मनोज कुमार को ‘भारत कुमार’ कहलाने का श्रेय उनकी देशभक्ति फिल्मों को जाता है। 1965 की ‘शहीद’ में भगत सिंह बने उन्होंने क्रांतिकारी की आग दिखाई। ‘उपकार’ में किसानों का संघर्ष, ‘पूरब और पश्चिम’ में भारतीय मूल्यों की रक्षा, ‘रोटी कपड़ा और मकान’ में सामाजिक न्याय और ‘क्रांति’ में विद्रोह की हुंकार भरी।
सनी देओल की गर्जना वाली अदाकारी ने ‘बॉर्डर’ में मेजर कुलदीप सिंह को अमर कर दिया। 1971 युद्ध की यह फिल्म दिल जीत गई। ‘गदर’ में तारा सिंह बने उन्होंने बंटवारे के दर्द को जीवंत किया, जिसका सीक्वल भी सुपरहिट रहा।
अक्षय कुमार ने ‘हॉलिडे’, ‘एयरलिफ्ट’, ‘केसरी’ और ‘रुस्तम’ में सैनिकों व नायकों की बहादुरी बखूबी निभाई। अजय देवगन ने ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ और ‘एलओसी कारगिल’ से इतिहास को सलाम किया।
आमिर खान की ‘लगान’, ‘रंग दे बसंती’ और ‘सरफरोश’ ने देशभक्ति को नया आयाम दिया। शाहरुख खान ने ‘स्वदेश’ और ‘चक दे इंडिया’ में भावुक राष्ट्रप्रेम दिखाया।
सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘शेरशाह’ ने कारगिल हीरो विक्रम बत्रा को श्रद्धांजलि दी। विक्की कौशल ने ‘उरी’, ‘सरदार उधम’ और ‘सैम बहादुर’ से दमदार छाप छोड़ी।
ये फिल्में न केवल मनोरंजन देती हैं, बल्कि देश की सेवा और बलिदान की याद दिलाती हैं।