
बॉलीवुड में गोरे रंग का बोलबाला रहा है, लेकिन बिपाशा बसु ने अपनी गेहुंआ रंगत से इस भेदभाव को चुनौती दी। ‘डस्की ब्यूटी’ के नाम से मशहूर हुईं बिपाशा ने तानों को ताकत बनाया और कई ऑफर ठुकराकर अपनी पहचान बनाई।
1979 में कोलकाता की रहने वाली बिपाशा का सफर मॉडलिंग से शुरू हुआ। 17 साल की उम्र में दिल्ली के रैंप पर चमकीं, फिर मुंबई पहुंचीं। पहली फिल्म में छोटा रोल मिला, लेकिन जल्द ही हीरो के साथ जोड़ी ने धमाल मचा दिया। उनकी बोल्ड अदाकारी ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
फिर भी, रंग को लेकर ताने मिलते रहे। ‘हीरोइन नहीं बन सकती,’ कहकर कई प्रोजेक्ट्स ऑफर किए गए, लेकिन बिपाशा ने साफ मना कर दिया। वे आइटम सॉन्ग्स या साइड रोल्स से संतुष्ट न थीं। इसके बजाय हॉरर, थ्रिलर जैसी मजबूत स्क्रिप्ट्स चुनीं, जो सुपरहिट साबित हुईं।
फिटनेस के प्रति उनका जुनून लाखों को प्रेरित करता है। करण सिंह ग्रोवर से शादी और मां बनने के बाद भी एक्टिव हैं। वेलनेस ब्रांड्स और डिजिटल कंटेंट से नई ऊंचाइयां छू रही हैं।
बिपाशा कहती हैं, ‘मैंने अपनी वैल्यू को कभी कम नहीं होने दिया।’ उनकी कहानी नई पीढ़ी के लिए मिसाल है, जो प्राकृतिक सुंदरता को अपनाने की सीख देती है। बॉलीवुड अब बदल रहा है, और इसमें बिपाशा का बड़ा हाथ है।