
कोलकाता में अनुभव सिन्हा की नई फिल्म ‘अस्सी’ का भव्य प्रीमियर हुआ, जहां अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा ने इसे महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों का आईना बताया। यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज की पोल खोलने वाली कृति है।
श्रीलेखा ने स्पष्ट किया कि फिल्म का शीर्षक ‘अस्सी’ इसलिए है क्योंकि कहानी के उस एक दिन में 80 लड़कियों के साथ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं घटीं। उन्होंने सवाल उठाया, ‘एक दिन में 80 मामले, तो साल भर में कितने होंगे? यह आंकड़ा सोचने पर विवश करता है।’
फिल्म समाज की दिशा पर सवाल करती है। क्या हम प्रगति कर रहे हैं, पीछे खिसक रहे हैं या यथास्थिति में अटके हैं? श्रीलेखा ने कहा कि यह हमारी व्यवस्था की कमियों को उजागर करती है – यह सब कहां से शुरू हुआ, कब रुकेगा और बीच में क्या चल रहा है।
उन्होंने हाल की एपस्टीन फाइल्स का जिक्र किया, जिसमें दुनिया भर के प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए। ‘पावर और पैसा बुराई को बढ़ावा देते हैं।’ भारत में डॉक्टर-इंजीनियरों की मजबूरी हालात चिंताजनक हैं।
हमारे महान देश में ऐसी स्थिति क्यों? ‘अस्सी’ दर्शकों को झकझोरती है और सुधार की मांग करती है। यह विचारों का सैलाब लाती है।