
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शिवसागर नाट्य मंदिर के उद्घाटन के मौके पर राज्य के समृद्ध रंगमंच आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए सरकार की ठोस योजनाओं का ऐलान किया। आधुनिक सुविधाओं और कलाकार कल्याण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि असम की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर चमकाने का समय आ गया है।
राज्य सरकार ने हाल ही में कई प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र विकसित किए हैं, जिनमें गुवाहाटी का ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर, शंकरदेव कलाक्षेत्र का दामोदरदेव सभागार, माधवदेव कलाक्षेत्र का बदला पद्म अता कलातीर्थ और लखीमपुर का 1000 सीटों वाला सभागार शामिल हैं। इनसे कलाकारों को बेहतरीन तकनीकी सहारा मिला है।
मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर टाउन हॉल और सांस्कृतिक केंद्रों के निर्माण का जिक्र करते हुए बताया कि इससे स्थानीय रंगमंच दलों और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। शहरों से बाहर रंगमंच को जीवंत रखना जरूरी है।
कलाकारों के लिए एकमुश्त सहायता, पेंशन विस्तार, महोत्सव अनुदान और स्वास्थ्य बीमा जैसी स्कीमें शुरू की गई हैं। सरमा ने भरोसा जताया कि ये कदम रचनात्मकता को बढ़ावा देंगे और असम की रंगमंच परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
पुनर्निर्मित शिवसागर नाट्य मंदिर असम सरकार के सांस्कृतिक संस्थानों को संवारने के संकल्प का प्रतीक है, जो पीढ़ियों से राज्य की कलात्मक यात्रा का आधार बने हुए हैं।