
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनावों को लेकर बहस छिड़ी हुई है और फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने साफ लफ्जों में कहा है कि वोटिंग दिवस छुट्टी का दिन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सक्रिय भागीदारी करें।
बीएमसी चुनाव मुंबई की 227 वार्डों के लिए हैं, जहां 1 करोड़ से अधिक मतदाता फैसले लेंगे। पंडित ने कहा, ‘यह कोई त्योहार नहीं है कि घर बैठे आराम करें। हर नागरिक का कर्तव्य है मतदान करना।’ उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
शहर में मतदान प्रतिशत हमेशा कम रहता है। 2017 के चुनावों में महज 55 प्रतिशत वोट पड़े थे। पंडित ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे जागरूकता अभियान चलाएं। विशेषकर युवाओं और महिलाओं को प्रोत्साहित करें।
चुनाव आयोग ने भी कोई अवकाश घोषित नहीं किया है। मतदान केंद्रों पर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था है। पंडित ने चेतावनी दी कि निष्क्रियता से ही भ्रष्टाचार पनपता है।
मुंबई जैसे महानगर में बीएमसी का बजट अरबों का है। सड़क, पानी, सफाई जैसी सेवाओं का निर्धारण इसी से होता है। पंडित का संदेश स्पष्ट है- एक दिन की मेहनत से साल भर का भविष्य तय होता है। मतदाता जागें, शहर चमके।