
संगीत की दुनिया सदमे में है। 92 वर्षीय आशा भोसले के निधन ने समस्त भारत को गमगीन कर दिया है। पद्म विभूषण से अलंकृत इस महान गायिका के जाने पर राजनीतिक हस्तियों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।
उनकी मधुर आवाज ने दशकों तक बॉलीवुड से लेकर भक्ति रचनाओं तक हर жанр में धूम मचाई। भाजपा के तरुण चुघ ने इसे हृदय विदारक बताया, याद किया कि 1962 युद्धकाल में उनके गीतों ने करोड़ों को प्रेरित किया, जो इतिहास के पन्नों में अमर हैं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सरस्वती की कृपा से उनकी जादुई आवाज की सराहना की, जो विश्व पटल पर छाई। भगवान से परिवार और प्रशंसकों को इस दारुण आघात सहने की शक्ति की प्रार्थना की।
केशव प्रसाद मौर्य ने संगीत जगत की अपूरणीय क्षति कहा, आशा जी ने सुरों से भारतीय शास्त्रीय को नई दिशा दी। उनके गीत हृदयों में बसे रहेंगे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और शोकाकुलजनों को धैर्य प्रदान करें।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि यह क्षति समय भी न भरेगा। उनकी बहुआयामी प्रतिभा ने पीढ़ियों को बांधा, सांस्कृतिक धरोहर खो दी गई। लेकिन उनकी स्वरलहरी चिरस्थायी रहेगी। प्रार्थना है आत्मा को परमगति मिले।
आशा भोसले की यात्रा प्रेरणादायी रही—12 हजार से अधिक गीत, विश्व रिकॉर्ड। उनका जाना युग का अंत है, पर संगीत की ज्योति जलती रहेगी।

