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आशा भोसले का बिज़नेस: गायन के अलावा, इस चीज़ का शौक रखती हैं आशा भोसले, विदेशों में फैला है कारोबार

मशहूर गायिका आशा भोसले ने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, मराठी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, भोजपुरी, पंजाबी, बंगाली और अंग्रेजी जैसी कई भाषाओं में हज़ारों गाने गाए हैं। बचपन से ही उन्हें गायकी का शौक था,...

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Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|मनोरंजन|
September 7, 2025
आशा भोसले का बिज़नेस: गायन के अलावा, इस चीज़ का शौक रखती हैं आशा भोसले, विदेशों में फैला है कारोबार
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मशहूर गायिका आशा भोसले ने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, मराठी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, भोजपुरी, पंजाबी, बंगाली और अंग्रेजी जैसी कई भाषाओं में हज़ारों गाने गाए हैं। बचपन से ही उन्हें गायकी का शौक था, और उन्होंने इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाया। लगभग 50 वर्षों तक भारतीय सिनेमा पर राज करने के बाद, आशा भोसले ने अपने दूसरे शौक को भी पेशे का नाम दिया, और वो शौक था खाना बनाने का। आशा भोसले को खाना बनाने का शौक था, और बाद में उन्होंने अपने नाम से रेस्टोरेंट खोले।

8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं आशा भोसले ने 16 साल की उम्र में शादी की थी, जो कुछ सालों बाद असफल हो गई। 1980 में उन्होंने प्रसिद्ध संगीतकार आरडी बर्मन से शादी की, जो बर्मन के आखिरी समय तक चली। आशा भोसले ने पहला गाना फिल्म चुनरिया (1948) के लिए गाया था, जिसका नाम 'सावन आया' था। उनका पहला गाना मराठी फिल्म 'माझा बल' (1943) के लिए था। आज आशा भोसले का 92वां जन्मदिन है। इस मौके पर, आइए आशा भोसले के करियर और उनके रेस्टोरेंट व्यवसाय के बारे में जानते हैं।

### आशा भोसले का गायन करियर कैसा रहा?

बड़ी बहन, दिवंगत गायिका लता मंगेशकर के नक्शेकदम पर चलते हुए, आशा भोसले ने भी कम उम्र में ही गायकी से अपने करियर की शुरुआत की थी। कई साल गाने के बाद, 1949 में आशा जी ने 16 साल की उम्र में 31 साल के गणपत राव भोसले से शादी कर ली, जिनसे उन्हें तीन बच्चे हुए। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा नहीं चला, लेकिन फिर भी आशा जी ने अपने गायकी करियर को बंद नहीं किया। 1980 में आरडी बर्मन से शादी करने के बाद उनका करियर और भी ऊंचाई पर गया।

आशा भोसले ने पार्श्व गायन में रोमांटिक और दुख भरे गाने तो गाए ही हैं, लेकिन उस दौर के लगभग सभी सुपरहिट आइटम सॉन्ग भी उन्होंने ही गाए हैं। आशा भोसले के सदाबहार गानों में 'एक मैं और एक तू', 'जवानी जानेमन', 'हंगामा हो गया', 'चुरा लिया है तुमने जो', 'दो लफ्जों की है दिल की कहानी', 'झुमका गिरा रे', 'कोई शहरी बाबू', 'मेरा कुछ सामान', 'आओ ना गले लग जाओ ना', 'पिया तू अब तो आजा', 'राधा कैसे ना जले' जैसे कई गाने शामिल हैं।

### आशा भोसले के रेस्टोरेंट कहां-कहां हैं?

जानकारी के अनुसार, आशा भोसले का पहला रेस्टोरेंट 'आशाज' 2002 में दुबई के वाफी में खुला था। बाद में इसकी फ्रेंचाइजी कुवैत, अबू धाबी, दोहा और बहरीन में खुलीं। यहां भारत के प्रसिद्ध खाद्य पदार्थ परोसे जाते हैं, जिनका लोग आनंद लेते हैं। एक बार एक रियलिटी शो में आशा जी से इसके बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि उन्हें खाना बनाने का शौक हमेशा से रहा है।

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