
मुंबई के थिएटर जगत में हलचल मच गई है। 70 साल के अनुपम खेर अपनी आत्मकथात्मक नाटक ‘कुछ भी हो सकता है’ का 499वां शो करने जा रहे हैं, वो भी पैर में मोच और सूजन के बावजूद। सिनेमा में अपनी 55वीं फिल्म ‘खोसला का घोसला-2’ की शूटिंग के बीच भी उनका जुनून थमने का नाम नहीं ले रहा।
आज अभिनेता थोड़े नर्वस हैं, लेकिन ‘शो मस्ट गो ऑन’ का सच्चा अर्थ उन्हें अच्छे से समझ आ गया है। एक वीडियो में उन्होंने कहा, ‘जिंदगी सही हालात का इंतजार नहीं करती। दर्द चुपके से कोने में रह सकता है, पर साहस सबके सामने डट जाता है। मोच आया पैर हौसले को नहीं तोड़ सकता।’
127 पेज की स्क्रिप्ट पर आधारित यह एकल प्रदर्शन अनुपम के जीवन की असफलताओं की मजेदार कहानियां बयां करता है। वे अकेले मंच संभालते हैं और दर्शकों को हंसाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। ‘जिंदगी में उतार-चढ़ाव न हों, मंजिल आसान हो, ऐसी जिंदगी का क्या मजा?’ उन्होंने कहा।
खचाखच भरे स्टेडियम में आज वे दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। यह शो सिर्फ नाटक नहीं, जुनून और हिम्मत की मिसाल है। अनुपम खेर साबित कर रहे हैं कि उम्र और चोट के आगे भी जज्बा जीतता है।