
बॉलीवुड के महानायक अभिताभ बच्चन ने भारत की बहुआयामी प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि देश न केवल विकास के क्षेत्र में अग्रणी है बल्कि खेल और प्रतिभा के मामले में भी विश्व पटल पर छा रहा है। एक प्रमुख समारोह में बोलते हुए उन्होंने युवाओं की अंतरराष्ट्रीय सफलताओं को रेखांकित किया, जहां से क्रिकेट से लेकर ओलंपिक मैदानों तक भारत का डंका बज रहा है।
बच्चन ने पिछले दशकों में भारतीय खेलों के चमत्कारी सफर पर प्रकाश डाला। ‘कुंभकर्ण सी निद्रा से जागकर हम अब विजयी योद्धा बन चुके हैं,’ उन्होंने कहा। नीरज चोपड़ा का ओलंपिक स्वर्ण और टी20 विश्व कप जीत जैसी उपलब्धियां इसका जीता-जागता प्रमाण हैं।
देशभर में खेल बुनियादी ढांचे में हो रहे निवेश को उन्होंने सराहा। खेलो इंडिया जैसी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी केंद्रों तक प्रतिभाओं को निखार रही हैं। बच्चन ने निरंतर समर्थन की अपील की, ‘हमारा विकास तब तक अधूरा है जब तक खेल नायकों का सम्मान न हो।’
विशेषज्ञों का भी यही मत है। वैश्विक आयोजनों में भारत का पदक तालिका में चार गुना उछाल आया है। निजी क्षेत्र की भागीदारी ने इसे गति दी है। 2028 ओलंपिक की तैयारी में बच्चन के शब्द प्रेरणा स्रोत बन रहे हैं। भारत अब खेल का वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है, जहां प्रतिभा की कोई कमी नहीं।