
तेलुगु सिनेमा के सुनहरे दौर में अल्लू अरविंद का नाम एक मिसाल है। उन्होंने अल्लू अर्जुन, पवन कल्याण जैसे सुपरस्टार्स को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। एक अभिनेता से निर्माता बने इस दिग्गज ने गीता आर्ट्स को टॉलीवुड की सबसे बड़ी कंपनी बनाया।
1970 के दशक में अभिनय से शुरुआत करने वाले अरविंद ने ‘जलसा’, ‘सरै nodo’ जैसी फिल्मों से कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए। पवन कल्याण को ‘अक्कड़ा अम्मयी इक्कड़ा अब्बयी’ से लॉन्च किया, जो ब्लॉकबस्टर साबित हुई। अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा’ जैसी फिल्में उनके ही मार्गदर्शन में बनीं।
अरविंद सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने कई नए टैलेंट्स को मौका दिया। टॉलीवुड चैंबर में उनकी भूमिका ने वितरण और डिजिटल राइट्स को मजबूत किया। महामारी के दौरान थिएट्रिकल रिलीज के पक्ष में उनकी लड़ाई ने सिनेमाघरों को बचा लिया।
आज 71 साल की उम्र में भी सक्रिय अरविंद आगामी प्रोजेक्ट्स के साथ अपनी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। टॉलीवुड के लिए वे एक प्रेरणा हैं।