
बॉलीवुड में नेपोटिज्म के दौर में आमिर खान के भांजे इमरान खान ने 2008 में धमाकेदार एंट्री मारी। ‘जाने तू या जाने ना’ ने उन्हें एक झटके में स्टार बना दिया। गौरी शinde के निर्देशन में गौतमी और इमरान की जोड़ी ने युवाओं के दिलों पर राज किया। फिल्म ने 120 करोड़ से ज्यादा की कमाई की और आइकॉनिक स्टेटस हासिल किया।
लेकिन उसके बाद का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। ‘किडनैप’ से एक्शन में कूदे इमरान, लेकिन मिनिशा लांबा के साथ यह थ्रिलर दर्शकों को भा न सकी।
2009 में ‘लक’ आई, जिसमें श्रुति हासन संग जोखिम भरी कहानी दिखाई। स्क्रिप्ट की कमजोरियां इसे फ्लॉप बना गईं।
‘आई हेट लव स्टोरीज’ में सोनम कपूर के साथ रोम-कॉम ट्राई किया। गाने हिट हुए, लेकिन बिजनेस औसत रहा।
‘दिल्ली बेली’ ने उम्मीद जगाई। आमिर की प्रोडक्शन में यह काली कॉमेडी सुपरहिट रही, इमरान की एक्टिंग की तारीफ हुई।
फिर ‘मेरा भाई का दुश्हन’ में कैटरीना कैफ संग लव ट्रायंगल। प्रेडिक्टेबल प्लॉट ने इसे औसत रखा।
2013 में ‘वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा’ से करियर का अंत। अक्षय कुमार संग यह सीक्वल बुरी तरह फ्लॉप हुई।
स्क्रीन्स से गायब हो गए इमरान। अमेरिका में पढ़ाई, प्रोडक्शन और फैमिली लाइफ में व्यस्त। क्या कमबैक होगा? फैंस इंतजार में।