
वाशिंगटन। अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा मार्च में करीब 50 प्रतिशत घटकर 3.8 अरब डॉलर रह गया। यह पिछले साल के समान महीने के 7.4 अरब डॉलर के घाटे से 48.64 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। अमेरिकी सरकार के ताजा आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है, जो दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में सकारात्मक बदलाव का संकेत देता है।
मार्च में अमेरिका ने भारत को 4.3 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि भारत से 8.4 अरब डॉलर का आयात हुआ। हालांकि, अमेरिका का कुल व्यापार घाटा 60.3 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो फरवरी के 57.8 अरब डॉलर से 2.5 अरब डॉलर अधिक है। निर्यात 320.9 अरब डॉलर और आयात 381.2 अरब डॉलर रहा।
वस्तुओं का घाटा 88.7 अरब डॉलर हो गया, जो 4.1 अरब डॉलर बढ़ा, जबकि सेवाओं का अधिशेष 28.4 अरब डॉलर पर पहुंचा। कच्चे तेल के निर्यात में 2.8 अरब डॉलर की बढ़ोतरी से औद्योगिक सामग्रियों का निर्यात 5 अरब डॉलर उछला।
आयात में ऑटोमोबाइल (3.6 अरब डॉलर), यात्री कारें (2.8 अरब डॉलर) और कंप्यूटर एक्सेसरीज (2 अरब डॉलर) में तेजी आई। ये आंकड़े तब आए जब भारत-अमेरिका व्यापार, सप्लाई चेन, तकनीक और शुल्क पर चर्चा कर रहे हैं। चीन के साथ घाटा 14 अरब डॉलर रहा।
यह कमी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो सकती है, खासकर जब अमेरिका अन्य देशों के साथ बड़े घाटे का सामना कर रहा है।
