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बजट के बाद शेयर बाजार का रुख: पिछले 15 सालों का विश्लेषण

भारतीय शेयर बाजार में हर साल बजट पेश होने से पहले एक खास उत्साह छा जाता है। निवेशक जानना चाहते हैं कि वित्त मंत्री के भाषण के बाद बाजार की दिशा क्या होगी। इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए हमने पिछले 15...

Lok Shakti
Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|बिजनेस|
January 29, 2026
बजट के बाद शेयर बाजार का रुख: पिछले 15 सालों का विश्लेषण
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भारतीय शेयर बाजार में हर साल बजट पेश होने से पहले एक खास उत्साह छा जाता है। निवेशक जानना चाहते हैं कि वित्त मंत्री के भाषण के बाद बाजार की दिशा क्या होगी। इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए हमने पिछले 15 बजटों के आंकड़ों का गहन अध्ययन किया है, जो सेंसेक्स, निफ्टी और अन्य सूचकांकों के प्रदर्शन को उजागर करता है।

एसबीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, बजट के एक सप्ताह बाद सेंसेक्स ने 15 में से 11 बार लाभ दिया, औसतन 2.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ। केवल चार बार गिरावट आई, जो औसत 2.05 प्रतिशत रही। निफ्टी ने इससे बेहतर प्रदर्शन किया—12 बार लाभ (2.04%) और तीन बार नुकसान (2.65%)।

तीन माह की अवधि में सेंसेक्स ने नौ बार सकारात्मक रिटर्न दिए (औसत 6.77%), जबकि छह बार नुकसान (5.28%)। निफ्टी में भी यही पैटर्न—नौ लाभ (7.40%) और छह हानि (5.46%)।

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने भी इसी ट्रेंड को दोहराया। एक सप्ताह बाद दोनों ने 11-11 बार लाभ दिया—मिडकैप 3.1% और स्मॉलकैप 3.3% औसत। नुकसान चार बार, लगभग 3%।

तीन माह बाद मिडकैप ने 10 बार लाभ (8.67%) दिया, पांच नुकसान (7.77%)। स्मॉलकैप में सात लाभ (14.54%) लेकिन आठ नुकसान (8.77%)।

ये आंकड़े बताते हैं कि बजट अक्सर बाजार के लिए सकारात्मक साबित होता है, खासकर छोटी अवधि में। हालांकि, वैश्विक घटनाएं और नीतिगत फैसले भविष्य तय करेंगे। निवेशक सतर्क रहें और विविधीकरण अपनाएं।

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