
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते की खबरों से प्रेरित होकर हरे निशान में बंद हुआ। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 319.78 अंक या 0.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,857.48 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 126.75 अंक या 0.51 प्रतिशत चढ़कर 25,175.40 पर समाप्त हुआ।
बाजार की तेजी का नेतृत्व धातु और बैंकिंग क्षेत्र ने किया। निफ्टी मेटल इंडेक्स में 3.07 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.76 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटी में 1.70 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस में 1.53 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई में 1.21 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.88 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
हालांकि, मीडिया, ऑटो, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे क्षेत्रों में गिरावट देखी गई। निफ्टी मीडिया 1.44 प्रतिशत, ऑटो 0.93 प्रतिशत, एफएमसीजी 0.60 प्रतिशत तथा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.59 प्रतिशत लुढ़का।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 338 अंक या 0.59 प्रतिशत ऊपर 57,483.65 पर तथा निफ्टी स्मॉलकैप 100 66.60 अंक या 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,419.35 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के प्रमुख लाभान्वित शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, आईसीआईसीआई बैंक, इंडिगो, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, इन्फोसिस और एचसीएल टेक शामिल रहे। वहीं, एमएंडएम, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, इटरनल, मारुति सुजुकी, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, टाइटन, एचयूएल और भारती एयरटेल घाटे में रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि सत्र में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत-ईयू डील ने बाजार के मनोबल को मजबूत किया। प्रतिस्पर्धा की आशंका से ऑटो और बेवरेज शेयर दबाव में आए। बाजार की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन बाद में रिकवरी हुई। निवेशक अब अमेरिकी फेड के फैसले और बजट पर नजर रखेंगे।