
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूत प्रदर्शन किया। सेंसेक्स 266.47 अंक या 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,580.40 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50.90 अंक या 0.20 प्रतिशत ऊपर 25,693.70 पर समाप्त हुआ।
बाजार की अगुआई एफएमसीजी और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं के शेयरों ने की। आईटीसी में 5 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग लगी, जबकि एचयूएल 2.96 प्रतिशत मजबूत रहा। निफ्टी एफएमसीजी 2.27 प्रतिशत, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.96 प्रतिशत, कंजम्पशन 0.71 प्रतिशत, रियल्टी 0.63 प्रतिशत, प्राइवेट बैंक 0.63 प्रतिशत, एनर्जी 0.61 प्रतिशत और ऑयल एंड गैस 0.51 प्रतिशत ऊपर बंद हुए।
दूसरी ओर, आईटी और फार्मा क्षेत्र कमजोर रहे। निफ्टी आईटी में 1.47 प्रतिशत, फार्मा 0.72 प्रतिशत, इंडिया डिफेंस 0.66 प्रतिशत, हेल्थकेयर 0.62 प्रतिशत और ऑटो 0.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
सेंसेक्स के प्रमुख लाभान्वित शेयरों में आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, एचयूएल, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, टाइटन, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम और एलएंडटी शामिल रहे। वहीं, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एशियन पेंट्स, इटरनल, एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस और बीईएल नुकसान में रहे।
लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में बिकवाली का दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 0.02 प्रतिशत गिरकर 59,502.70 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 0.27 प्रतिशत टूटकर 16,938.65 पर बंद हुआ।
एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह ने बताया कि निफ्टी की शुरुआत कमजोर रही और यह 25,492 तक लुढ़का, लेकिन बाद में रिकवरी कर 25,694 पर बंद हुआ। प्रतिरोध 25,750-25,800 के बीच है, जहां से ब्रेकआउट आने पर 26,000 और 26,200 तक जा सकता है। समर्थन 25,550-25,500 पर है।
निवेशक अब वैश्विक संकेतों और आय आंकड़ों पर नजर रखेंगे, क्योंकि आरबीआई की नीति ने बाजार को स्थिरता प्रदान की है।