
मुंबई के शेयर बाजार में हफ्ते की शुरुआत कमजोर नोट पर हुई। वैश्विक बाजारों के सुस्त संकेतों के बीच सोमवार को सेंसेक्स में 400 से अधिक अंकों की गिरावट देखी गई। निफ्टी के लगभग सभी इंडेक्स लाल निशान में खुले, जिससे निवेशकों में चिंता की लहर दौड़ गई।
शुरुआती कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, विप्रो, टाटा मोटर्स पीवी और सिप्ला जैसे दिग्गज शेयरों पर भारी बिकवाली का दबाव रहा। इनकी वजह से बाजार की चमक फीकी पड़ गई।
समाचार लिखे जाने तक बीएसई सेंसेक्स 498 अंक या 0.60 प्रतिशत टूटकर 83,072 पर था। वहीं एनएसई निफ्टी 134 अंक या 0.52 प्रतिशत गिरकर 25,560 के स्तर पर पहुंच गया। मिडकैप इंडेक्स में 0.40 प्रतिशत और स्मॉलकैप में 0.48 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।
सेक्टरों पर नजर डालें तो फार्मा में 0.6 प्रतिशत, आईटी में 0.5 प्रतिशत और ऑटो में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि मेटल इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की हल्की बढ़त रही।
रिलायंस के शेयर 2 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़के, भले ही कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में मजबूत मुनाफा दर्ज किया। विप्रो में 7 प्रतिशत की जोरदार गिरावट, टाटा मोटर्स पीवी में 2.8 प्रतिशत, मैक्स हेल्थ में 2.9 प्रतिशत, इंफोसिस में 1 प्रतिशत से अधिक और सिप्ला में 0.9 प्रतिशत की कमी आई।
उधर टेक एम, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एचयूएल, कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, बीईएल और एचडीएफसी लाइफ जैसे शेयरों ने लाभ दर्ज कर टॉप गेनर्स की सूची में जगह बनाई।
वैश्विक मोर्चे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आठ यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का बयान चिंता बढ़ा रहा है। ग्रीनलैंड हासिल करने की उनकी योजना का विरोध होने से निवेशक सतर्क हो गए हैं।
पिछले हफ्ते निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव रहा, जिसमें 25,899 का उच्चतम और 25,473 का निम्नतम स्तर छुआ गया। अंत में 25,694 पर बंद हुआ। 20 और 50 दिवसीय ईएमए से नीचे लेकिन 200 दिवसीय से ऊपर होने से मध्यम अवधि का ट्रेंड सकारात्मक है। ऊपरी रेजिस्टेंस 25,875 पर, उसके बाद 26,000-26,100 अहम। सपोर्ट 25,600 और 25,450 पर।
विशेषज्ञों की सलाह है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच चयनित शेयरों पर फोकस करें। मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स चुनें और निफ्टी के 26,000 के ऊपर स्थिर ब्रेकआउट का इंतजार करें।