
मुंबई के शेयर बाजार में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भारी तबाही मचा दी है। दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स 1,486 अंकों यानी 1.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,806 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 453 अंक या 1.80 प्रतिशत टूटकर 24,725 पर आ गया। बीएसई पर कुल मार्केट कैप 9 लाख करोड़ रुपये घटकर 454 लाख करोड़ पर सिमट गया, जो पहले 463 लाख करोड़ था।
ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टरों में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई, जहां निफ्टी ऑटो और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स दोनों 3-3 प्रतिशत लुढ़के। निफ्टी इन्फ्रा में 2.77 प्रतिशत, रियल्टी में 2.39 प्रतिशत, ऑयल एंड गैस में 2.30 प्रतिशत तथा एनर्जी में 2.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी नहीं बचे, निफ्टी मिडकैप 100 में 2.03 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 में 2.14 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई।
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स में बीईएल, सन फार्मा और भारती एयरटेल शामिल रहे, लेकिन एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, एनटीपीसी, टाइटन, बजाज फिनसर्व जैसे नाम भारी नुकसान में रहे। गिरावट का मुख्य कारण मध्य पूर्व का युद्ध है, जिसमें अमेरिका और खाड़ी देश भी कूद पड़े हैं। रुपए की कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।
सोने-चांदी और कच्चे तेल के दामों में उछाल आ गया। सोना 3 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5,415 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.70 प्रतिशत चढ़कर 95 डॉलर पर पहुंची। ब्रेंट क्रूड 9 प्रतिशत की तेजी से 79 डॉलर और डब्ल्यूटीआई 8 प्रतिशत बढ़कर 72 डॉलर प्रति बैरल बोला।
विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध लंबा खिंचा तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, खासकर ऑयल संवेदनशील क्षेत्रों से। वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखें, क्योंकि ये बाजार की दिशा तय करेंगे।