
मुंबई के शेयर बाजार ने शुक्रवार को हफ्ते का समापन गहरी गिरावट के साथ किया। सेंसेक्स 961.42 अंक या 1.17 प्रतिशत टूटकर 81,287.19 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 317.90 अंक या 1.25 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,178.65 पर समाप्त हुआ।
रियल्टी और ऑटो सेक्टरों में जबरदस्त बिकवाली का दबाव रहा। निफ्टी रियल्टी 2.26 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 1.86 प्रतिशत नीचे बंद हुए। अन्य सूचकांक जैसे एफएमसीजी 1.69%, मेटल 1.67%, फाइनेंशियल सर्विसेज 1.55%, फार्मा 1.50%, कंजम्पशन 1.48% तथा हेल्थकेयर 1.41% की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि आईटी 0.16%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.17% और मीडिया 0.60% की हल्की बढ़त के साथ बंद हुए। लार्जकैप के अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.14% की गिरावट आई, जो 59,115.60 पर रहा, वहीं स्मॉलकैप 100 1.10% नीचे 16,928.90 पर।
सेंसेक्स में एचसीएल टेक, ट्रेंट, इन्फोसिस और इटरनल गेनर रहे। सन फार्मा, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, इंडिगो, एमएंडएम, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचयूएल, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, आईटीसी और एचडीएफसी बैंक लूजर बने।
गिरावट के पीछे विदेशी निवेशकों की बिकवाली (गुरुवार को 3,465.99 करोड़ की बिक्री), ईरान-अमेरिका डील न होने से कच्चे तेल में उछाल, रुपये की कमजोरी और वैश्विक कमजोर संकेत जिम्मेदार। डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.63% ऊपर 66.25 डॉलर और ब्रेंट 1.38% बढ़कर 71.86 डॉलर प्रति बैरल। बाजार अब भविष्य के संकेतों पर नजर रखे हुए है।