
मुंबई के शेयर बाजार में मध्य पूर्व के बढ़ते तनाव ने बुधवार को भारी तबाही मचाई। सेंसेक्स 1,122.66 अंक या 1.40 प्रतिशत टूटकर 79,116.19 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 सूचकांक भी 385.20 अंक या 1.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,480.50 पर समाप्त हुआ।
धातु क्षेत्र के शेयरों ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डाला। निफ्टी मेटल सूचकांक 3.99 प्रतिशत की तेज गिरावट के साथ सबसे अधिक नुकसान उठाने वाला रहा। उसके पीछे निफ्टी पीएसयू बैंक 3.24 प्रतिशत, रियल्टी 3.11 प्रतिशत, ऑयल एंड गैस 3.09 प्रतिशत, मीडिया 3.05 प्रतिशत, कमोडिटीज 2.87 प्रतिशत तथा पीएसई 2.55 प्रतिशत नीचे बंद हुए।
केवल निफ्टी आईटी सूचकांक ही 0.11 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ बचा। लार्जकैप के अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जोरदार बिकवाली हुई। निफ्टी मिडकैप 100 में 1,255.35 अंक या 2.16 प्रतिशत तथा निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 350.90 अंक या 2.11 प्रतिशत की कमी आई।
बाजार की अस्थिरता बढ़ाने वाला इंडिया विक्स 23 प्रतिशत से ज्यादा उछला, जो निवेशकों में व्याप्त चिंता को दर्शाता है। सेंसेक्स के टॉप गेनर्स में भारती एयरटेल, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा शामिल रहे। वहीं टाटा स्टील, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस जैसे नाम लूजर्स की सूची में शुमार हुए।
एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह ने बताया कि निफ्टी ने महत्वपूर्ण सपोर्ट 24,570-24,600 तोड़ दिया है। आरएसआई 30 पर ठहरा हुआ है। आगे 24,350-24,300 सपोर्ट का स्तर है, जहां से और गिरावट 24,100 तक ले जा सकती है। तेजी में 24,650-24,700 रुकावट बनेगा।
भू-राजनीतिक जोखिमों के साए में बाजार आगे अनिश्चितता से जूझता नजर आ रहा है।