सेबी ने एफपीआई पंजीकरण शुल्क को डॉलर से रुपये में बदल दिया

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और विदेशी वेंचर कैपिटल निवेशकों (एफवीसीआई) के लिए पंजीकरण शुल्क को डॉलर से रुपये में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। अब 1,000 डॉलर की मौजूदा फीस को 90,000 रुपए में बदल दिया गया है। श्रेणी‑I एफपीआई और एफवीसीआई के लिए यह राशि 2,500 डॉलर से बढ़ाकर 2.30 लाख रुपए कर दी गई है।
यह नई व्यवस्था घोषणा के छह महीने बाद लागू होगी, जिससे विदेशी निवेशकों को सिस्टम परिवर्तन के लिए पर्याप्त समय मिल सके। शुल्क जमा करने की जिम्मेदारी डिपॉजिटरी पर होगी, जिसे पंजीकरण स्वीकृति के पाँच कार्यदिवसों के भीतर सेबी को भेजना होगा।
सेबी ने आम आवेदन फॉर्म में जन्म तिथि या कंपनी के गठन की तिथि जोड़ने का भी निर्देशन किया है, जिससे पैन आवेदन प्रक्रिया सरल हो सके।
वित्त वर्ष 2025‑26 में सेबी ने इन शुल्कों, जिसमें जीएसटी शामिल है, से लगभग 12.98 मिलियन डॉलर की आय दर्ज की है।
रुपये‑आधारित शुल्क प्रणाली से मैनुअल अकाउंटिंग, रीयल‑टाइम इनवॉइसिंग और वित्तीय रिपोर्टिंग में होने वाली देरी जैसी समस्याओं का समाधान उम्मीद की जा रहा है।

