
मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने निवेशकों से अपील की है कि वे शांतचित्त रहें और जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं।
ईरान से जुड़े संघर्ष ने महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो रहा है। कच्चे तेल के दामों में उछाल और सप्लाई चेन में रुकावट ने महंगाई की आशंकाओं को बल दिया है।
हालांकि, पांडेय ने भारत की आर्थिक नींव की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश के वित्तीय बाजार स्थिर हैं।
निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने की सलाह न देकर लंबी अवधि के नजरिए को अपनाने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही, निफ्टी 50 सूचकांक के 30 वर्ष पूरे होने पर चर्चा की। यह सूचकांक भारत की आर्थिक प्रगति और बाजारों में बढ़ती भागीदारी का प्रतीक है।
स्टॉक एक्सचेंजों, क्लियरिंग हाउसों और डिपॉजिटरी जैसी संस्थाओं ने बाजार को मजबूत बनाया है। तकनीक अब नियमन का अभिन्न अंग बन चुकी है।
सेबी ने विशेषज्ञ समिति गठित कर प्रतिभूति बाजार के लिए तकनीकी रोडमैप तैयार किया है। सुदर्शन प्लेटफॉर्म रीयल-टाइम निगरानी करता है, जबकि सेबी रडार एआई से भ्रामक विज्ञापनों का पता लगाता है।
पांडेय का संदेश स्पष्ट है- वैश्विक अस्थिरता में धैर्य ही सफलता की कुंजी है। भारत के बाजार मजबूत नींव पर खड़े हैं।