
देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। अक्टूबर-दिसंबर की अवधि में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 24.5 प्रतिशत चढ़कर 21,028.15 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह पिछले साल की समान तिमाही के 16,891.44 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। पिछली तिमाही में यह 20,159.67 करोड़ रुपये था।
नेट ब्याज आय (एनआईआई) में 9 प्रतिशत की तेजी आई और यह 45,190 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले वर्ष 41,446 करोड़ रुपये थी।
परिचालन लाभ ने तो रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो 39.5 प्रतिशत बढ़कर 32,862.39 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 23,550.81 करोड़ रुपये था, जबकि पिछली तिमाही में 27,310.92 करोड़ रुपये रहा।
संपत्ति गुणवत्ता में सुधार चिंताजनक रहा। सकल एनपीए अनुपात 2.07 प्रतिशत से घटकर 1.57 प्रतिशत हो गया, जबकि शुद्ध एनपीए 0.53 प्रतिशत से लुढ़ककर 0.39 प्रतिशत पर आ गया। इससे बैंक की वित्तीय मजबूती का पता चलता है।
पूंजी पर्याप्तता अनुपात 13.03 प्रतिशत से बढ़कर 14.04 प्रतिशत हो गया। प्रावधान 4,506.92 करोड़ रुपये रहे, जो सतर्कता का संकेत है।
एसबीआई के ये नतीजे बैंकिंग क्षेत्र में सकारात्मक संकेत हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बैंक की रणनीति सफल साबित हो रही है, जो शेयरधारकों और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए फायदेमंद है।