
मुंबई। सोने और चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में निवेशकों का जोरदार रुझान देखने को मिला है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी में इन फंड्स का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) पहली बार 3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
पिछले पांच महीनों में एयूएम लगभग तिगुना हो गया। अगस्त में यह 1 लाख करोड़ था, जो जनवरी तक 3 लाख करोड़ से अधिक हो गया। कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों ने भारी मात्रा में पैसा लगाया।
निवेशकों की संख्या में भी उछाल आया। गोल्ड ईटीएफ के फोलियो 80.34 लाख से बढ़कर 1.14 करोड़ हो गए, जबकि सिल्वर ईटीएफ के 11.31 लाख से 47.85 लाख तक पहुंचे। जनवरी में गोल्ड में 24,039 करोड़ और सिल्वर में 9,463 करोड़ का निवेश हुआ, कुल मिलाकर 33,000 करोड़ से ज्यादा।
यह इक्विटी फंड्स के 24,029 करोड़ से अधिक था। दिसंबर में धातु ईटीएफ में 15,609 करोड़ आए थे, इक्विटी में 28,055 करोड़। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक अनिश्चितताओं ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर धकेला।
वे सलाह देते हैं कि लंबी अवधि के निवेशक 10-15 फीसदी हिस्सा सोना-चांदी में रखें और एसआईपी के जरिए निवेश करें। जनवरी अंत में इक्विटी स्कीम्स का एयूएम 34.86 लाख करोड़ और डेट का 18.90 लाख करोड़ रहा।
मॉर्निंगस्टार के हिमांशु श्रीवास्तव कहते हैं, बाजार की अस्थिरता के बावजूद निवेश जारी रहा। एसआईपी और शेयर बाजार की लंबी विकास क्षमता ने इसे बल दिया। लार्ज कैप फंड्स में अच्छी बढ़त हुई, मिड-स्मॉल कैप में कमी।
यह रुझान निवेशकों की समझदारी को दर्शाता है, जो विविधीकरण पर जोर दे रहे हैं।