
नई दिल्ली। बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ भारतीय रेलवे ने अपने पेंशनभोगियों के लिए विशेष सतर्कता बुलेटिन जारी किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कोई भी रेल अधिकारी फोन, सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए निजी या वित्तीय जानकारी नहीं मांगता।
जालसाज रेल अधिकारियों के नाम पर फर्जी कॉल और एसएमएस भेजकर पीपीओ अपडेट, केवाईसी या पेंशन लाभ के नाम पर बैंक डिटेल्स, ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारियां हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्रालय का बयान कहता है कि रेलवे कभी भी लिंक या मैसेज के माध्यम से सेवा रिकॉर्ड अपडेट नहीं करता।
पेंशनभोगियों से अपील है कि संदिग्ध संपर्क की तत्काल पुलिस साइबर सेल और संबंधित कार्यालय को सूचना दें। परिवारजनों को भी जागरूक करें। रेलवे धोखाधड़ी के खिलाफ कड़ा रुख अपना रहा है। संसद में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 2025 में 3.03 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी को ट्रेन बुकिंग से निष्क्रिय किया गया।
आधार प्रमाणीकरण और साइबर सुरक्षा से 6,043 करोड़ मैलिशियस बॉट रिक्वेस्ट रोके गए। नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर 3.99 लाख शंकास्पद बुकिंग से 376 शिकायतें दर्ज हुईं। 12,819 संदिग्ध ईमेल डोमेन ब्लॉक किए गए। तत्काल बुकिंग में दुरुपयोग रोकने को आधार-ओटीपी अनिवार्य किया गया।
यह अलर्ट पेंशनभोगियों को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।