
नई दिल्ली में संसद का बजट सत्र गुरुवार से शुरू हो गया, जो कई कारणों से बेहद महत्वपूर्ण है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से रूबरू होकर अपनी सरकार की मूल नीति को ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ बताया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बुधवार के अभिभाषण का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सांसदों से की गई अपेक्षाएं अत्यंत गंभीर हैं। सभी सदस्य इन पर खरे उतरेंगे, ऐसा उनका पूर्ण विश्वास है। यह सत्र राष्ट्र निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।
भारत की वैश्विक छवि पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आत्मविश्वासी भारत अब विश्व पटल पर आकर्षण और आशा का केंद्र बन चुका है। भारत-यूरोपीय संघ के मुक्त व्यापार समझौते से युवाओं, किसानों, मछुआरों और सेवा क्षेत्र के लिए अपार संभावनाएं खुल रही हैं।
उत्पादकों से अपील की कि अब 27 देशों का विशाल बाजार हमारे लिए खुलेगा, गुणवत्ता पर जोर देकर प्रतिस्पर्धी उत्पाद भेजें। हाथ पर हाथ धरे न बैठें।
बजट पर नजरें टिकी हैं, लेकिन सुधार ही हमारी पहचान है। ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ तेजी से दौड़ रही है, सभी सांसदों का आभार। अब व्यवधान का नहीं, समाधान का समय है। योजनाओं को फाइल से जीवन तक पहुंचाने की परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।