
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बजट 2026 को ‘नाउ ऑर नेवर’ जैसा कोई आपातकालीन कदम बताने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने इसे राष्ट्र की गहन तैयारी और प्रेरणा से उपजा ‘हम तैयार हैं’ का आत्मविश्वासपूर्ण पल करार दिया।
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के बजट कभी महज लेखा-जोखा के दस्तावेज नहीं रहे। ये भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की मजबूत प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने लाल किले से दिए गए संदेश को याद किया, जहां उन्होंने कहा था, ‘यही समय है।’
आज यह भावना पूरे देश में व्याप्त है। चुनौतियों के बावजूद भारत विकास का प्रगट केंद्र बना हुआ है। महामारी के बाद वैश्विक अवसरों का लाभ उठाते हुए कई देश भारत के साथ साझेदारी को उत्सुक हैं।
युवा शक्ति, कुशल जनसंख्या, राजनीतिक स्थिरता और सुधारों ने भारत को मजबूत आधार प्रदान किया है। अंतरिक्ष, खेल और स्टार्टअप्स में युवाओं की सफलताएं इसका प्रमाण हैं।
आजादी के अमृत महोत्सव ने मिशन मोड की भावना जगाई। स्वच्छता जैसे अभियानों से लोगों को पता चला कि विकास केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, सामाजिक परिवर्तन से जुड़ा है।
यह बजट 2014 से चली आ रही उपलब्धियों को सुदृढ़ कर 2047 तक की यात्रा को गति देगा। जैसे 1920 के दशक के निर्णयों ने 1947 की आजादी की नींव रखी, वैसे ही आज के कदम विकसित भारत की बुनियाद रख रहे हैं।
सरकार ने संरचनात्मक कमियों को दूर किया, गरीबों-युवाओं-महिलाओं-किसानों को सशक्त बनाया। तकनीक संचालित कल्याण व्यवस्था अंतिम व्यक्ति तक पहुंची। यह बजट ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ को नई रफ्तार देगा।