
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश भर में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। गैस एजेंसियों पर लग रही लंबी कतारें वास्तविक अभाव का संकेत नहीं, बल्कि लोगों की आशंकाओं का नतीजा हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने गुरुवार को स्थिति की पोल खोली।
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलमार्ग बंद होने से चिंता बढ़ी, लेकिन भारत ने 70 प्रतिशत कच्चा तेल वैकल्पिक रास्तों से मंगा लिया है। दैनिक 55 लाख बैरल खपत के बावजूद सप्लाई चेन मजबूत है। रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर चल रही हैं।
वाणिज्यिक एलपीजी में अस्पतालों व स्कूलों को प्राथमिकता मिल रही है। पर्यावरण मंत्रालय ने बायोमास, केरोसिन व कोयले के उपयोग की सलाह दी है ताकि घरेलू गैस पर बोझ कम हो।
भारत अब 40 देशों से तेल आयात करता है, जो 2006-07 के 27 से कहीं अधिक है। यह विविधीकरण ऊर्जा सुरक्षा की गारंटी है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि सब कुछ नियंत्रण में है, घबराहट छोड़ें।