
नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक पल की तैयारी चल रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी, जो उनका लगातार नौवां बजट होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संसद के गौरवपूर्ण क्षण करार दिया है। उन्होंने कहा कि देश की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में सीतारमण ने यह अनुपम उपलब्धि हासिल की है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश होने से ठीक पहले पीएम मोदी ने मीडिया से कहा, ’21वीं सदी का पहला चौथाई गुजर चुका है। अब दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है। 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए अगले 25 वर्ष निर्णायक होंगे। यह बजट इसी यात्रा का प्रथम दस्तावेज बनेगा।’
यह मोदी सरकार का 15वां बजट है और 2024 के लोकसभा चुनावों में एनडीए की तीसरी लगातार जीत के बाद दूसरा पूर्ण बजट। सीतारमण के नेतृत्व में एक अनुभवी टीम बजट की रूपरेखा तैयार कर रही है, जिसमें आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर का योगदान सराहनीय है।
बजट डिवीजन का नेतृत्व करने वाली ठाकुर संसाधन वितरण, व्यय सीमाएं तय करने और विकास-अर्थव्यवस्था संतुलन बनाए रखने में कुशल हैं। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन वैश्विक जोखिमों का मूल्यांकन कर विकास अनुमान लगाते हैं तथा सुधारों पर सलाह देते हैं।
राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव का पहला बजट होगा, जो प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष करों की निगरानी करेंगे। व्यय सचिव वुमलुनमंग वुअलनाम सरकारी खर्च और राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण रखेंगे। वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देंगे।
निवेश विभाग के अरुणिश चावला संपत्ति प्रबंधन और विनिवेश लक्ष्यों को संभालेंगे। यह बजट बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण पर केंद्रित हो सकता है, जो भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।