
शिलांग। मेघालय के राज्यपाल सी.एच. विजयशंकर ने विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को घोषणा की कि पिछले सात सालों में राज्य की अर्थव्यवस्था लगभग दोगुनी हो चुकी है। 2018 में 29,508 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में यह 59,626 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। उन्होंने इसे राज्यवासियों की मेहनत और सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम बताया।
2024-25 में 9.66 प्रतिशत की जीएसडीपी वृद्धि के साथ मेघालय देश का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ता राज्य बन गया है, जो तमिलनाडु के बाद है। कोविड के बाद लगातार दो वर्षों तक 10 प्रतिशत की औसत वृद्धि बनाए रखने वाला यह अकेला राज्य है। राज्यपाल ने इस उपलब्धि को असाधारण करार दिया।
‘विजन 2032’ राज्य के विकास का मार्गदर्शक है, जिसका लक्ष्य 2022 के स्तर से अर्थव्यवस्था को तिगुना करना, प्रति व्यक्ति आय बढ़ाना और सतत विकास में शीर्ष 10 राज्यों में जगह बनाना है। ‘मेघालय एक्सीलेंस फ्रेमवर्क’ इसकी रणनीतिक रूपरेखा है।
कृषि, सड़कें, बिजली, जल आपूर्ति, निवेश प्रोत्साहन, आईटी, संचार और पर्यटन में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को मजबूत किया जा रहा है। 12,000 करोड़ से अधिक की 15 बाह्य सहायता वाली परियोजनाएं सड़क, ऊर्जा, कृषि, जल संरक्षण और पर्यटन पर केंद्रित हैं।
पीएम-डेविन जैसी केंद्र योजनाएं कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा दे रही हैं। 1,800 करोड़ से ज्यादा का निजी निवेश आ चुका है और 2032 तक 8,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य है, जिससे 50,000 नौकरियां पैदा होंगी। प्रशासनिक सुधारों से पारदर्शिता और व्यापार सुगमता बढ़ी है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने राज्य के सामुदायिक जलवायु मॉडल की तारीफ की है। अवसंरचना और सतत विकास पर जोर से समावेशी समृद्धि सुनिश्चित होगी।