
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य भर में भूमि सर्वे की प्रक्रिया को महज 30 दिनों में पूरा करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। पहले यह काम 60 से 90 दिनों तक चलता था।
राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले ने विधानसभा में विधायक बबनराव लोनिकर के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में यह घोषणा की। प्रस्ताव में सर्वे के लंबित मामलों और कर्मचारियों की कमी की समस्या उजागर की गई थी।
मंत्री ने आधुनिकीकरण की विस्तृत रूपरेखा पेश की। हाई-टेक रोवर मशीनों की संख्या 1250 से बढ़ाकर 1500 की जाएगी, ताकि प्रत्येक सर्वेक्षक को एक-एक मशीन उपलब्ध हो। इससे मानवीय भूलें और देरी समाप्त हो जाएंगी।
2003 के बाद पहली बार नई संगठनात्मक संरचना को मंजूरी मिली है। इसमें 994 नए पद सृजित कर मौजूदा स्टाफ का बोझ कम किया जाएगा। तीन माह में डिप्टी डिस्ट्रिक्ट सुपरिटेंडेंट के पद भर दिए जाएंगे।
उच्च प्रदर्शन वाले मेंटेनेंस सर्वेक्षकों को सिलेक्शन ग्रेड का लाभ मिलेगा। फंडिंग जिला योजना समिति और भूमि अधिग्रहण कोष से होगी।
छत्रपति संभाजीनगर कमिश्नरेट आठ जिलों का दायरा संभाल रहा है। प्रशासनिक सुधार के लिए नांदेड़ या लातूर में दूसरा राजस्व कमिश्नरेट स्थापित करने पर विचार चल रहा है।
यह कदम भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता और गति लाएगा, लाखों नागरिकों को लाभ पहुंचाएगा।