
केरल ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश का पहला राज्य बन गया है जिसने 25 वर्षों के शहरी विकास के लिए व्यापक नीति को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अगुवाई वाली कैबिनेट ने शुक्रवार को नव केरल अर्बन पॉलिसी को हरी झंडी दिखाई, जो राज्य के भविष्य को दिशा देगी।
लोकल सेल्फ गवर्नमेंट विभाग द्वारा तैयार ड्राफ्ट को दो वर्षों की गहन चर्चाओं और विशेषज्ञों की सलाह के बाद मंजूरी मिली। 2023-24 के बजट में इसकी पहली घोषणा हुई थी। दिसंबर 2023 में गठित केरल अर्बन पॉलिसी कमीशन ने मार्च 2025 में अपनी रिपोर्ट सौंपी। सितंबर में कोच्चि में वैश्विक सम्मेलन ने नीति को अंतिम रूप दिया।
कमीशन के अनुसार, 2050 तक केरल में 80 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में होगी। विकास उच्चभूमि, तटीय और घनी आबादी वाले इलाकों में विकेंद्रीकृत रूप से फैलेगा। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच यह नीति पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करेगी।
नीति का लक्ष्य जलवायु-स्मार्ट शहरों और कस्बों का नेटवर्क तैयार करना है, जो केरल की विकेंद्रीकृत शासन परंपरा पर टिका है। शहरीकरण को आर्थिक प्रगति का इंजन बनाते हुए सभी को सुविधाओं तक समान पहुंच प्रदान करना उद्देश्य है।
उच्च गुणवत्ता वाली बुनियादी ढांचा विकास, सामाजिक असमानताओं को कम करना और सहायता तंत्र मजबूत करने पर जोर है। प्रमुख क्षेत्रों में कानूनी सुधार, क्षमता निर्माण, शासन सशक्तिकरण, नागरिक-केंद्रित सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक नियोजन शामिल हैं। यह केरल के शहरी परिवर्तन को संरचित और टिकाऊ बनाएगा।