
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस की भव्य परेड में कर्तव्य पथ पर कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय अपनी शानदार झांकी ‘कौशल से सशक्त: आत्मनिर्भर, भविष्य के लिए तैयार भारत का निर्माण’ लेकर आएगा। यह झांकी देश के कौशल क्रांति की प्रेरणादायक गाथा बयां करेगी।
झांकी का नेतृत्व औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के शीर्ष छात्र करेंगे, जिन्हें हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशल दीक्षांत समारोह 2025 में सम्मानित किया। ताइपे में वर्ल्डस्किल्स एशिया 2025 में जीते पदकों ने भारत की वैश्विक कौशल क्षमता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
झांकी में पारंपरिक कारीगरों और आधुनिक तकनीक विशेषज्ञों का संगम आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। केंद्र में मानव मस्तिष्क की आकृति रचनात्मकता और विश्लेषणात्मक कौशल को दर्शाएगी, जबकि जुड़े हुए हाथ पीएम-सेतु योजना के जरिए सरकार-उद्योग साझेदारी को चित्रित करेंगे। यह योजना 1000 सरकारी आईटीआई को आधुनिक बनाने पर केंद्रित है।
आईटीआई अग्निवीरों को भी तकनीकी प्रशिक्षण दे रहे हैं, जिससे वे सशक्त करियर की ओर अग्रसर हो सकें। यह झांकी दर्शाती है कि कौशल विकास को गति देता है, नवाचार अवसर रचता है और युवा विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी हैं।
26 जनवरी को यह झांकी करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करेगी, आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में।