
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 प्रस्तुत किया। यह रिपोर्ट वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी शुल्कों के बावजूद भारत की आर्थिक मजबूती को रेखांकित करती है।
सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि के अनुमान दिए गए हैं। बजट से ठीक पहले आने वाला यह दस्तावेज पूरे वर्ष की आर्थिक गतिविधियों का विवरण देता है और भविष्य की दिशा दिखाता है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन प्रमुख नीतिगत सुझावों पर प्रकाश डालेंगे, जिसमें रुपए की कमजोरी, वैश्विक राजनीतिक उथल-पुथल जैसे मुद्दे शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीतारमण को नौवीं बार बजट पेश करने वाली पहली महिला बताते हुए इसे संसदीय इतिहास का स्वर्णिम पल कहा।
बजट सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे सभी के लिए गौरव का विषय बताया। एक फरवरी को मोदी सरकार का 15वां बजट पेश होगा, जो एनडीए की 2024 जीत के बाद दूसरा पूर्ण बजट है।
पिछले दस वर्षों में प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत आधार बने हैं, जो तेज विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। 65 दिनों का बजट सत्र 30 बैठकों में चलेगा, 13 फरवरी को स्थगित होकर 9 मार्च से फिर शुरू होगा।
सत्र 28 जनवरी से दो चरणों में चल रहा है। यह सर्वेक्षण भारत की आर्थिक स्थिरता का प्रतीक है।