
देश में कोयले की उपलब्धता ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खदानों और थर्मल पावर संयंत्रों में कुल कोयला भंडार 210 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जो वर्तमान खपत दर से 88 दिनों तक की मांग पूरी करने को पर्याप्त है।
कोयला मंत्रालय ने बताया कि उत्पादन और आपूर्ति खपत से अधिक होने से यह stockpiling संभव हुआ। कोल इंडिया की खदानों में 1 अप्रैल 2025 को 106.78 मिलियन टन से बढ़कर 9 मार्च 2026 तक 121.39 मिलियन टन हो गया। सिंगरेनी में 6 मिलियन टन और कैप्टिव-कमर्शियल खदानों में 15.12 मिलियन टन मौजूद हैं।
ट्रांजिट में 14 मिलियन टन कोयला है, जिससे सप्लाई चेन में कुल 156.58 मिलियन टन जमा हो गया। थर्मल प्लांट्स में 54.05 मिलियन टन स्टॉक 24 दिनों की खपत के लिए काफी है।
गैर-नियंत्रित क्षेत्रों में आपूर्ति 14 प्रतिशत बढ़ी है। रेलवे लॉजिस्टिक्स और निरंतर उत्पादन से यह उपलब्धता सुनिश्चित हुई। मंत्रालय नीतिगत सहयोग और निगरानी पर जोर दे रहा है।
ये प्रयास ऊर्जा सुरक्षा, उद्योगों की निरंतरता और विकसित भारत 2047 लक्ष्य को मजबूत करेंगे।