
भारतीय शेयर बाजार में अभी कुछ नरमी दिख रही है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह खरीदारी का बेहतरीन समय है। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है।
वैश्विक ब्रोकरेज कंपनी मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार बरकरार हैं। निकट भविष्य की अस्थिरता के बावजूद, 2026 तक कंपनियों की आय में तेज सुधार होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार नकारात्मक खबरों पर ज्यादा संवेदनशील हो गया है, जबकि सकारात्मक संकेतों को नजरअंदाज कर रहा है। इससे निवेशकों में गहरी आर्थिक समस्याओं का डर पैदा हो रहा है। लेकिन मॉर्गन स्टेनली इसे बाजार की स्थिति और तकनीकी कारणों का नतीजा मानती है, न कि किसी बुनियादी कमजोरी का।
छह तिमाहियों की आय मंदी के बाद रिकवरी शुरू हो चुकी है और 2026 में यह रफ्तार पकड़ेगी। भारतीय रिजर्व बैंक व सरकार की नीतियां जैसे ब्याज दरों में कटौती, बैंकिंग नियमों में ढील, तरलता बढ़ाना, पूंजीगत खर्च, टैक्स राहत और विकासोन्मुखी बजट इसकी पीठ थपथपा रहे हैं।
कोविड के बाद की सख्त नीतियां ढीली पड़ रही हैं, जो विकास को गति देगी। फिर भी, पिछले 12 महीनों का रिटर्न ऐतिहासिक रूप से सबसे खराब रहा है और वैल्यूएशन निचले स्तरों पर है।
वैश्विक मुनाफे में भारत का योगदान उसके सूचकांक वेटेज से कहीं ज्यादा है। सेंसेक्स सोने के मुकाबले सस्ता है और हाल में एफपीआई की पोजीशन कमजोर हुई है।
निष्कर्षतः, यह कमजोरी खरीदारों के लिए अवसर है। आय सुधार के साथ बाजार ऊंचाइयों को छुएगा।