
ईरान युद्ध के साये में पश्चिम एशिया की स्थिति बिगड़ने के बीच केंद्र सरकार ने बताया कि भारतीय एयरलाइंस सोमवार को क्षेत्र के हवाई अड्डों से करीब 50 आने वाली उड़ानों का संचालन करेंगी। ये उड़ानें परिचालन क्षमता और मौजूदा हालात पर निर्भर होंगी।
एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा एयर दुबई, अबू धाबी, रास अल खैमाह, फुजैरा, मस्कट व जेद्दाह जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों से सेवाएं शुरू करने को तैयार हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय बदलती परिस्थितियों पर सतर्क नजर रखे हुए है, जो भारत-पश्चिम एशिया हवाई संपर्क को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं।
मंत्रालय के अनुसार, “विमानन कंपनियां यात्री सुरक्षा और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने हेतु जरूरी बदलाव कर रही हैं।” 7 मार्च को 51 उड़ानों से 8,175 यात्री लाए गए, जबकि 8 मार्च के लिए 49 उड़ानों की योजना थी।
अन्य हवाई अड्डों की लगातार समीक्षा हो रही है ताकि और उड़ानें जोड़ी जा सकें। टिकट दरों पर भी पैनी नजर है, यात्रियों को एयरलाइंस से अपडेट लेने की सलाह दी गई है। एयर इंडिया ने 10 से 18 मार्च 2026 तक नौ रूटों पर 78 अतिरिक्त उड़ानें घोषित की हैं, जो न्यूयॉर्क, लंदन, फ्रैंकफर्ट आदि से 17,660 सीटें मुहैया कराएंगी।
ये कदम पश्चिम एशिया के संकट में यात्रियों को राहत देंगे, मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए रखेगा।