
नई दिल्ली से राहत भरी खबर आई है। सांख्यिकी मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वालों की बेरोजगारी दर अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में पिछली तिमाही से कम हो गई। ग्रामीण इलाकों में यह 4 प्रतिशत पर आ稳 गई, जो पहले 4.4 प्रतिशत थी। पुरुषों और महिलाओं दोनों में सुधार देखा गया। शहरी क्षेत्रों में दर 6.7 प्रतिशत रही, पहले के 6.9 प्रतिशत से बेहतर, खासकर शहरी पुरुषों की दर 5.9 प्रतिशत हो गई।
श्रम बल सहभागिता दर (LFPR) कुल 55.8 प्रतिशत पहुंची, जो पहले 55.1 प्रतिशत थी। 5 वर्ष से ऊपर की महिलाओं की LFPR 34.9 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई-सितंबर के 33.7 प्रतिशत से उल्लेखनीय बढ़त है। श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR) 53.1 प्रतिशत पर पहुंचा।
ग्रामीण-शहरी दोनों में स्वरोजगार बढ़ा। ग्रामीण स्वरोजगार 63.2 प्रतिशत और शहरी 39.7 प्रतिशत रहा। कृषि क्षेत्र ने ग्रामीण रोजगार में 58.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाई। ये आंकड़े अर्थव्यवस्था की मजबूती दिखाते हैं, लेकिन लंबे समय के लिए नीतिगत कदम जरूरी हैं।