
नई दिल्ली। देश में राइड हेलिंग सेवाओं के बाजार में बड़ा धमाका होने वाला है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह गुरुवार को भारत टैक्सी ऐप लॉन्च करेंगे। यह पहली सहकारी कैब सेवा है जो उबर, ओला और रैपिडो जैसी कंपनियों को कड़ी टक्कर देगी।
सहकारिता मंत्रालय के समर्थन से सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित यह ऐप ड्राइवरों के हितों को प्राथमिकता देता है। शुरुआत में जीरो कमीशन मॉडल पर चलेगा, जिसमें सवारी का पूरा किराया ड्राइवरों को मिलेगा। ड्राइवरों को ‘सारथी’ कहा जाएगा और प्लेटफॉर्म उनके लिए मुफ्त होगा।
सरकार का उद्देश्य निजी ऐप्स की शोषणकारी नीतियों से चालकों को बचाना है। किराया संरचना आकर्षक: पहले 4 किमी पर 30 रुपये/किमी, 4-12 किमी पर 23 रुपये/किमी और 12 किमी से ऊपर 18 रुपये/किमी। मेट्रो जैसी सार्वजनिक सेवाओं से एकीकरण यात्रियों को आसानी देगा।
सर्ज प्राइसिंग से मुक्ति मिलेगी, केवल विशेष मामलों में डायनामिक रेटिंग। बाद में 20% शुल्क प्रोत्साहन के रूप में ड्राइवरों को लौटेगा। 150 से अधिक महिला ड्राइवर जुड़ीं, रोज 40-45 हजार नए पंजीकरण। 4 लाख से ज्यादा यूजर्स, ऐप स्टोर पर टॉप रैंकिंग।
सुरक्षा में इमरजेंसी अलर्ट, सेफ्टी टीम कॉल, सायरन सुविधा। सरल साइन-अप। हवाई अड्डों पर डेडिकेटेड जोन और विस्तार की योजना। भारत टैक्सी सहकारिता की ताकत दिखाएगी, सस्ती और निष्पक्ष यात्रा का नया दौर लाएगी।