
नई दिल्ली में गुरुवार को भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए संदर्भ शर्तों (टीओआर) पर हस्ताक्षर हो गए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने इस महत्वपूर्ण घटना की जानकारी साझा की, जो दोनों पक्षों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का वादा करता है।
वाणिज्य भवन में आयोजित समारोह में अपर वाणिज्य सचिव एवं मुख्य वार्ताकार अजय भादू और जीसीसी सचिवालय के मुख्य वार्ताकार डॉ. राजा अल मरजूकी ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, राज्य मंत्री जितिन प्रसाद तथा वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल भी मौजूद रहे।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह एफटीए वैश्विक हितों को मजबूत करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे निश्चितता और स्थिरता आएगी, व्यापारिक रिश्ते गहरे होंगे। वस्तुओं-सेवाओं का सहज प्रवाह, निवेश वृद्धि, रोजगार सृजन तथा खाद्य-ऊर्जा सुरक्षा में इजाफा होगा।
डॉ. अल मरजूकी ने ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि टीओआर पारस्परिक लाभकारी समझौते की शुरुआत है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में खास तौर पर जरूरी है।
वित्त वर्ष 2024-25 में जीसीसी के साथ भारत का व्यापार 178.56 अरब डॉलर रहा, जो कुल वैश्विक व्यापार का 15.42 प्रतिशत है। निर्यात 56.87 अरब और आयात 121.68 अरब डॉलर। पिछले पांच वर्षों में 15.3 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर्ज की गई। यह समझौता ऊर्जा, कृषि, रसायन और सेवा क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोलेगा।