
नई दिल्ली में राज्यसभा का 270वां सत्र गुरुवार को शुरू हुआ, जो 2026-27 के बजट सत्र का हिस्सा है। राज्यसभा सभापति एवं उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बताया कि इस सत्र में कुल 30 बैठकें होंगी, जिनमें केंद्रीय बजट और सरकारी विधेयकों पर विस्तृत चर्चा होगी। अवकाश के दौरान संसदीय समितियां मंत्रालयों की अनुदान मांगों की गहन समीक्षा करेंगी।
राधाकृष्णन ने सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है और शीघ्र ही तीसरी सबसे बड़ी बनने की दिशा में अग्रसर है। वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती भूमिका में संसद की जिम्मेदारी केंद्र में है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण का हवाला देते हुए उन्होंने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर काम करने का आह्वान किया। सदस्यों से सदन और समितियों में सार्थक योगदान की अपेक्षा की। विधायी कार्यों के लिए समय का रचनात्मक उपयोग जरूरी बताया।
उन्होंने संसदीय गरिमा, अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया। लोकतंत्र बहसों से मजबूत होता है, लेकिन सम्मानजनक ढंग से। महात्मा गांधी के उद्धरण से प्रबुद्ध लोकतंत्र की महत्ता बताई। सदन की अगली बैठक 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे होगी। यह सत्र भारत की आर्थिक उड़ान का महत्वपूर्ण पड़ाव बनेगा।