
नई दिल्ली, 22 जनवरी 2026: भारतीय उद्योग जगत ने केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के प्री-बजट सर्वे में देश की आर्थिक संभावनाओं पर गहरा विश्वास जताया है। सर्वे में 80 प्रतिशत से अधिक प्रतिभागियों ने भारत की विकास गाथा पर भरोसा दिखाया।
लगभग आधे उत्तरदाताओं को अगले वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि 7 से 8 प्रतिशत के दायरे में रहने की संभावना है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह आशावाद भारत के मजबूत आर्थिक आधार को रेखांकित करता है। वर्तमान वर्ष के राजकोषीय घाटे को जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रखने के लक्ष्य पर भी 42 प्रतिशत का विश्वास है।
बजट से उद्योग की अपेक्षाएं स्पष्ट हैं – रोजगार सृजन, इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर और निर्यात को बल। प्रमुख क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा और एमएसएमई शामिल हैं। मैन्युफैक्चरिंग व पूंजीगत खर्च पर फोकस जारी रखने की सलाह दी गई।
इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए मेगा क्लस्टर बनाना जरूरी, जिसमें सभी हितधारक एकजुट हों। रक्षा क्षेत्र में पूंजीगत व्यय 30 प्रतिशत तक ले जाना चाहिए, साथ ही यूएवी, काउंटर ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और एआई पर अपग्रेड। ड्रोन के लिए पीएलआई को 1000 करोड़ और अलग आरएंडडी फंड का सुझाव।
निर्यात चुनौतियों – व्यापार तनाव, टैरिफ, सीबीएएम – से निपटने के लिए व्यापार सुगमता, कस्टम आसानी, लॉजिस्टिक्स सुधार और प्रोत्साहन मजबूत करने की मांग। डायरेक्ट टैक्स में अनुपालन सरलीकरण, डिजिटलीकरण, निश्चितता और विवाद समाधान तेज करने पर बल।
कुल मिलाकर, फिक्की सर्वे उद्योग की उम्मीदों को दर्शाता है कि बजट विकास, रोजगार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को गति देगा, संरचनात्मक सुधारों से भारत को मजबूत बनाते हुए राजकोषीय संतुलन बनाए रखेगा।