
भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत कदमों से आगे बढ़ रही है। एचडीएफसी बैंक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027 में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सोमवार को जारी इस रिपोर्ट ने नए आधार वर्ष 2022-23 के आंकड़ों से इस वर्ष के शानदार प्रदर्शन की पुष्टि की है।
चौथी तिमाही के उच्च आवृत्ति वाले संकेतक आने वाले समय में विकास गति बरकरार रखने के मजबूत संकेत दे रहे हैं। निजी खपत में तेज सुधार देखा जा रहा है, जहां वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में यह 8.7 प्रतिशत बढ़ी, जो पिछले वर्ष की 5.8 प्रतिशत से काफी बेहतर है। वित्त वर्ष 27 में नाममात्र वृद्धि 10.5 से 11 प्रतिशत तक रहने की संभावना है।
रिपोर्ट में उल्लेख है कि वित्त वर्ष 25 में उपभोक्ता व्यय की 40 प्रतिशत वस्तुओं जैसे वस्त्र, जूते, फर्नीचर और घरेलू उपकरणों पर खर्च में कमी आई, लेकिन भोजन, आवास, बिजली और स्वास्थ्य जैसी जरूरी चीजों पर खर्च बढ़ता रहा।
वर्ष 2026 की शुरुआत धीमी रही, मगर हालिया तिमाहियों में रफ्तार पकड़ी है। क्षमता उपयोग में वृद्धि और खपत सुधार के साथ वित्त वर्ष 27 में निवेश तेज होगा। विनिर्माण, वित्त, रियल एस्टेट, पेशेवर सेवाएं और पर्यटन क्षेत्र पहले ही अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
नई जीडीपी श्रृंखला में वित्त वर्ष 27 के लिए ऋण-से-जीडीपी अनुपात 57.5 प्रतिशत अनुमानित है, जो पहले 55.6 प्रतिशत था। यह अनुमान भारत को वैश्विक विकास का नेतृत्व प्रदान करने के लिए तैयार करता है।